tiger valley
Sunday, 21 April 2013
पलाश की विदाई
पलाश की विदाई
''चार दिन वसंत के हम जिए ,
जंगल की आग बनकर ,
आज गिरे हैं उसी जंगल में ,
जमीं की धूल बन कर !!
1 comment:
Rahul Singh
26 April 2013 at 09:51
असर पैदा होगा इसी धूल से.
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असर पैदा होगा इसी धूल से.
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